बच्चेदानी को लेप्रोस्कोपी से निकलने के बारे में जाने (हिस्टेरेक्टॉमी) |



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11 months ago

Description

बच्चेदानी को लेप्रोस्कोपी से निकलने के बारे में जाने (हिस्टेरेक्टॉमी) | हिस्टेरेक्टॉमी एक शल्यक्रिया है, जिसके माध्यम से किसी महिला के गर्भाशय को निकाला जाता है। गर्भाशय महिलाओं की प्रजनन प्रणाली का एक अंग है तथा यह मनुष्य की बंद मुट्ठी के आकार का होता है। आपका गर्भाशय निकाले जाने के बाद आप संतान पैदा नहीं कर सकती, तथा इसके बाद आपको मासिक धर्म भी नहीं होगा। यदि आपके अंडाशय (ओवरी) नहीं निकाले गए हैं, तो आप मादा हार्मोन पैदा करती रहेंगी। यदि आपके अंडाशय (ओवरी) निकाले गए हैं, तो मासिक धर्म रुक जाएगा। हिस्टेरेक्टॉमी शल्य क्रिया की कई किस्में हैं। अपने चिकित्सक से पूछें कि आप किस प्रकार की शल्य क्रिया करा रहीं हैं तथा क्या आपकी गर्भग्रीवा (सर्विक्स), डिंबवाही नलियां तथा अंडाशय भी हटाए जा रहे हैं। • योनीय (वेजाइनल) हिस्टेरेक्टॉमी - गर्भाशय को योनि मार्ग से हटाया जाता है, तथा पेट में कोई चीरफाड़ नहीं होती। • उदरीय (एब्डॉमिनल) हिस्टेरेक्टॉमी - पेट में चीरा लगाकर, गर्भाशय को निकाला जाता है। • लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी - पेट में कई छोटे सुराख किए जाते हैं और डॉक्टर इन छोटे सुराखों के माध्यम से लेप्रोस्कोप का प्रयोग करते हुए काम करता है। यह यंत्र डॉक्टर को शल्य क्रिया के दौरान छोटे स्थानों को देख पाना आसान बनाता है। अन्य छोटे यंत्र गर्भाशय को अलग करने और निकालने के लिए प्रयोग किए जाते हैं। रोबोटिक हिस्टेरेक्टॉमी - यह लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी से बहुत मिलती जुलती है। यंत्र अधिक लचीले होते हैं और डॉक्टर द्वारा शल्य क्रिया के दौरान यंत्र की सहायता करने के लिए विशेष कैमरे का उपयोग किया जाता है।